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शरीर में कà¤à¥€-कà¤à¥€ ये गांठछोटी तो कà¤à¥€ बड़ी होती है जिसे लोग नजरअंदाज करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि यह गांठआगे चलकर कैंसर आदि जानलेवा बीमारी का कारण बन सकती है।
गांठतक हमारे शरीर में बनती है जब बॉडी मेटाबॉलिजà¥à¤® कम होता है। जिसके कारण फैट डिपोजिट हो जाता है और यहीं चरà¥à¤¬à¥€ शरीर में गांठबन जाती है। कई बार ये गांठà¤à¤• ही जगह पर इकटà¥à¤ ी हो जाती है या फिर शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ à¤à¤¾à¤—ों में à¤à¤•तà¥à¤° हो जाती है। कई बार आगे चलकर ये गांठे कैंसर का कारण बन जाती है।
कैंसर कà¥à¤¯à¤¾ है?
जब आपका शरीर की कोशिकाओं का नियंतà¥à¤°à¤£ हट गया तो वह कही न कही से बढ़ने लगती है जिसे कैंसर कहा जाता है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ से हमेशा के लिठनिजात पाना चाहते है तो योग करना बहà¥à¤¤ ही जरूरी है।
कैसे होता है गांठका टेसà¥à¤Ÿ
शरीर की बाहर की गांठों को तो आप आसानी से देख सकते हैं लेकिन शरीर के अंदर किडनी, फेफड़े, पेट आदि में पड़ी गांठो के लिठअलग-अलग टेसà¥à¤Ÿ होते है। जिसमें à¤à¤•à¥à¤¸ रे, à¤à¤®à¤†à¤ˆà¤†à¤°, अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड जैसी तकनीक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की आदत दूर करेंगे ये योगासन और उपाय
शरीर की गांठके लिठपà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
शरीर की अंदर पड़ी गांठों के लिठकोई योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ फायदेमंद नहीं होगा। इसके लिठबस आप पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें।
सूरà¥à¤¯ नमसà¥à¤•ार- इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को करने से शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है। जिससे कैंसर की गांठको पिघलने में मदद करता है। जिस तरह कैंसर के लिठकीमोथेरेपी दी जाती है वैसे ही सूरà¥à¤¯ नमसà¥à¤•ार à¤à¤• नैचà¥à¤°à¤² थेरेपी है। इसे करके आसानी से गांठों से निजात पाया जाता सकता है।
कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿- इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को 10 से 15 मिनट से शà¥à¤°à¥‚ करके आधा घंटा करें। इससे 1 माह के अंदर गांठखतà¥à¤® हो जाती है।
अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम- कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ से आधा समय अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम करने से शरीर में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ का फà¥à¤²à¥‹ बढ़ता है। जिससे गांठको पिघलने में मदद मिलती है।
लाइलाज नहीं है सेरेबà¥à¤°à¤² पालà¥à¤¸à¥€, जानें किन योगासनों और औषधियों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इस रोग से पा सकते हैं छà¥à¤Ÿà¤•ारा
लिपोमा का औषधियों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इलाज
रोजाना खाली पेट ताजी हलà¥à¤¦à¥€ खाà¤à¤‚।
खाली पेट 2 गà¥à¤°à¤¾à¤® हलà¥à¤¦à¥€ का पाउडर लें। इससे गांठघà¥à¤²à¤¨à¥‡ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
कचनार की पेड़ की छाल किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की गांठके लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है। इसके लिठ10-20 गà¥à¤°à¤¾à¤® छाल को 400 गà¥à¤°à¤¾à¤® पानी में पका लें। जब पानी 100 से 50 गà¥à¤°à¤¾à¤® रह जाठतो उसे छानकर पी लें।
अगर शरीर में बहà¥à¤¤ अधिक गांठे है तो शिला सिंदूर 4 गà¥à¤°à¤¾à¤®, पà¥à¤°à¤à¤¾à¤² पिषà¥à¤Ÿà¥€ 10 गà¥à¤°à¤¾à¤® के साथ मोती और गिलोय मिलाकर सात पूड़िया बना लें। इसे सà¥à¤¬à¤¹-शाम खिलाà¤à¤‚। इससे 99 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक गांठसे निजात मिल जाता है। à¤à¤• से 3 माह में लाठमिल जाता है।
जिसको बार-बार गांठहो जाती है वो करें ये काम
कई लोगों की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है कि लिपोमा ऑपरेशन के बाद दोबारा हो जाती है। इसी कà¥à¤°à¤® को खतà¥à¤® करने के लिठहमें अपनी à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ को जगाना होगा। इसके लिठरोजाना कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿, अनà¥à¤²à¥‹à¤®- विलोम करें।
गरà¥à¤¦à¤¨ में पीठकी तरफ गांà¤
कई लोगों को गरà¥à¤¦à¤¨ में पीठकी तरफ गांठे हो जाती है। जिनमें दरà¥à¤¦ नहीं होता है लेकिन इसके कारण गरà¥à¤¦à¤¨, सिरदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ है। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ रामदेव का कहना है कि जब गरà¥à¤¦à¤¨ में गांठहो जाती है तो दिमाग के अंदर à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ का फà¥à¤²à¥‹ रूकेगा। जिसके कारण दिमाग में परेशानी होगी।
सà¥à¤¬à¤¹-शाम 2 गà¥à¤°à¤¾à¤® हलà¥à¤¦à¥€ का पाउडर लें। इसके अलावा कचनार लें।
कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ और अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम आधा-आधा घंटे सà¥à¤¬à¤¹-शाम करें।
बचà¥à¤šà¥‡à¤‚ की गरà¥à¤¦à¤¨ में गांà¤
कई बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की गरà¥à¤¦à¤¨ में दोनों तरफ गांठहो जाती है। जो छà¥à¤¨à¥‡ में दरà¥à¤¦ नहीं होती हैं। यह कफ के कारण à¤à¥€ हो सकते हैं। इसके लिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को घी देना बंद कर दें। इसके साथ ही लौ फैट दूध के साथ हलà¥à¤¦à¥€ डालकर दें। इससे 1 माह में लाठमिल जाà¤à¤—ा।
कचनार 10 गà¥à¤°à¤¾à¤®, बहेड़ा और तà¥à¤°à¤¿à¤•ूटा 20-20 गà¥à¤°à¤¾à¤® लेकर 1 गà¥à¤°à¤¾à¤® शहद के साथ चटा दें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿, अनà¥à¤®à¥‹à¤® विलोम के साथ उजà¥à¤œà¤¯à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¥€ कराà¤à¤‚।
पेट में छोटी गांठके लिठउपचार
अगर पेट में छोटी गांठहै तो उन लोगों को तà¥à¤°à¤‚त ही थोड़े दिनों के लिठघी और दूध बंद कर देना चाहिà¤à¥¤
नियमित रूप से गौमà¥à¤– अरà¥à¤• पिà¤à¤‚।
कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿, अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम के साथ रोजाना मंडà¥à¤• आसन 1 मिनट करें।
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